| नाम |
गुरु तेग बहादुर जी |
| पिता का नाम |
गुरु हरगोबिंद |
| माता का नाम |
माता नानकी |
| जन्म तिथि |
18 अप्रैल, 1621 |
| जन्म स्थान |
गुरु के महल, अमृतसर |
| पत्नी का नाम |
बीबी गुजरी |
| बच्चों का नाम |
(गुरु) गोबिंद सिंह जी |
| गुरगद्दी प्राप्ति |
20 मार्च, 1665, बाबा बकाला |
| नगरों की स्थापना |
आनंदपुर साहिब, जिला रूपनगर (रोपड़) |
| बाणियाँ |
115 शबद 15 रागों में, जैसे आसा, सौरठी, टोडी, मारू, रामकली, गौड़ी आदि |
| समकालीन शासक |
सम्राट औरंगज़ेब (1658–1707) |
| संदेश |
वैराग्य और त्याग का |
| विशेष योगदान |
1675 में दिल्ली में धर्म की आज़ादी के लिए अपने जीवन का बलिदान |
| जोती जोत |
11 नवम्बर, 1675, दिल्ली |