| नाम |
गुरु गोबिंद सिंह जी |
| पिता का नाम |
गुरु तेग बहादुर |
| माता का नाम |
माता गुजरी कौर |
| जन्म तिथि |
22 दिसम्बर, 1666 |
| जन्म स्थान |
पटना साहिब, बिहार, भारत |
| पत्नी का नाम |
बीबी जीतो, बीबी सुंदरी, बीबी साहिब कौर |
| बच्चों के नाम |
बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह |
| गुरु गद्दी पर विराजमान |
11 नवम्बर, 1675, आनंदपुर साहिब |
| नगर स्थापना |
पोंटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) |
| बाणियाँ |
जाप साहिब, अकाल उस्तति, वार भगौती जी की (चंडी दी वार), ज़फरनामा (दसम ग्रंथ) |
| समकालीन शासक |
बादशाह औरंगज़ेब (1658–1707), बादशाह बहादुर शाह (1707–1708) |
| विशेष योगदान |
संत-सिपाही और कवि, अत्याचार के विरुद्ध तलवार उठाई, प्रेरणादायक वीरता-पूर्ण कविताओं से जनता में जोश भर दिया। 30 मार्च 1699 को ख़ालसा पंथ की स्थापना की। |
| ज्योति ज्योत |
7 अक्टूबर, 1708, नांदेड़, महाराष्ट्र |